अपनी विफलताओं से सीखों


जय श्री सचिदानंद जी

अपनी विफलताओं से सीखों

थॉमस अल्वा एडिसन, ये नाम है उस छोटे से बच्चे का जिसे लोग मूर्ख समझा करते थे | बचपन में अपनी कई शरारतों की वजह से इसको स्कूल से भी निकाल दिया गया |

एडिसन का एक famous किस्सा तो सभी जानते ही होंगे जब एक बार क्लास में टीचर पढ़ा रही थी कि पक्षी आसमान में उड़ते हैं क्यूंकी उनके पंख होते हैं | एडिसन ने कुछ सोचकर टीचर से पूछा की पतंग के तो कोई पंख नहीं होते फिर भी वो कैसे उड़ती है| टीचर को बच्चे का ये सवाल मूर्खतापूर्ण लगा और उसे डाँट दिया |

लेकिन घर आकर उसने देखा की एक चिड़िया कीड़े खा रही थी उसने सोचा की ये कीड़े खाती है इसीलिए आसमान में उड़ती है तो फिर क्या था उसने काफ़ी सारे कीड़े इकट्ठे किए और अपनी नौकरानी की बेटी को खिला दिए जिससे वो बेचारी मार गयी| इस घटना के बाद एडिसन को स्कूल से भी निकल दिया गया |

लेकिन बच्चे की जिग्यासा अभी ख़त्म नहीं हुई थी | उसने घर पर ही रहकर मेहनत की और एक दिन वो कर डाला जिसकी दुनिया में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी | एडिसन ने अपनी पूरी लाइफ काफ़ी आविष्कार किए जिनमें बल्व का आविष्कार सबसे famous था |

जिस बच्चे को लोग मूर्ख कहा करते थे उसने अपनी मेहनत से पूरी दुनियाँ को रोशन कर दिया |

तो मित्रों कहानी बहुत पुरानी है लेकिन इसके पीछे बहुत ग़ूढ शिक्षा छिपी हुई है लाइफ में काफ़ी सारी प्राब्लम आती हैं अपनी विफलताओं से हमें कभी घबराना नहीं चाहिए | अपनी लाइफ का एक मकसद चुनो और उसमें इतना डूब जाओ की तुम्हें दुनियाँ की कोई खबर ना रहे | फिर देखो एक दिन आपका भी नाम एडिसन जैसे लोगों के साथ ही लिया जाएगा |

 जय श्री सचिदानंद जी
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Shri Nangli Sahib Darbar