आत्मविश्वास की कहानी

”डर मुझे भी लगा था मंजिल से अपनी दूरी का फ़ासला देखकर ,पर मैं बढ़ती गई अपनी मंजिल का रास्ता देखकर !
खुद ब खुद नजदीक आती गई मेरी मंजिल ,मेरा हौंसला और बुलंद इरादा देखकर “!!

आप सभी के जीवन में एक time ऐसा आता है ,जब समस्त परिस्थिति और सभी लोग आपके खिलाफ हो जाते है ! कभी कभी condition ऐसी हो जाती है कि जब आपको अपनी life में लिए गए खुद के फैसले भी गलत लगने लगते है ! ऐसा तब होता है जब आपका लिया गया कोई फैसला गलत साबित हो जाता है! ये वो समय होता है जब कोई आपका साथ नहीं देता है। आपके माँ बाप और कुछ अच्छे मित्र कुछ time आपका साथ जरूर देते है पर जैसे जैसे problems बढ़ती जाती है वो भी आपका साथ छोड़ देते है ! सोचिये ऐसे time में कौन आपका साथ देता है !

दोस्तों आपका एक अच्छा दोस्त जो हमेशा आपके साथ रहता है और वो आपका साथ देता है और वो होता है- आपका आत्मविश्वास। आपका आत्मविश्वास आपका साथ देता है। परिस्थिति कैसी भी हो अच्छी या बुरी आत्मविश्वास हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है ! आत्मविश्वास सभी के अंदर होता है किसी में अधिक होता है तो किसी में कम होता है ! आपने अगर सफल लोगो पे ध्यान दिया हो तो एक बात देखी होगी की वो कभी भी problems से डरते नहीं है ! वो उनको solve करने की कोशिश करते है ! ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि वो किसी और का नहीं अपने विश्वास रूपी मित्र का सहारा लेते है! 

सफल होना है तो आपको भी अपने विश्वास रूपी मित्र का सहारा लेना ही होगा ! जो लोग सफल होते है उनमे से केवल 1% लोग ऐसे होते है जो असफल हुए बिना सफलता तक पहुंच जाते है जबकि 99% लोग सफल होने से पहले कई बार असफल होते है ! दोस्तों 99% लोग असफल होने पर भी सफल होते है क्यूंकि उनको खुद पर विश्वास होता है कि वो सफल होगे ! इस विश्वास के कारण ही वो असफल होते हुए भी सफल होने के लिए बार बार कोशिश करते है ! खुद पर विश्वास करके की गई कोशिशो का परिणाम होता है कि वो सफल होते है!  जिस प्रकार छाता बारिश और धुप को रोक नहीं सकता फिर भी वह बारिश और धुप में खड़े होने का साहस देता है ! उसी प्रकार आपका आत्मविश्वास सफल होने की guarantee तो नहीं देता फिर भी वह लगातार असफल होने पर भी आपको सफल होने का साहस और प्रेरणा देता है! सोचिये जो लोग लगातार असफल होते हुए सफल हुए है अगर वो एक बार की अपनी असफलता को देखकर हार मान जाते और अपने आत्मविश्वास को खो देते तो क्या होता !

“अपने आत्मविश्वास को ये मत बताओ ,कि तुम्हारी तकलीफ कितनी बड़ी है,
अपनी तकलीफ को ये बताओ , कि तुम्हारा आत्मविश्वास कितना बड़ा है “!
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Shri Nangli Sahib Darbar