Today's Thought - 2

आज के समय में एक अच्छे या बुरे की परिभाषा उसके कार्यों से नहीं अपितु निजी विचारों के आधार पर होती है। अलग-अलग विचारों के आधार पर कुछ लोग जिसे अच्छा कहने में लगे हैं, उसी को कुछ लोग बुरा भी कह रहे हैं।

एक झूठे आदमी के लिए हम तब अच्छे हैं जब हम उसकी हाँ में हाँ मिलाकर उसका साथ दें और उसी के लिए तब हम बड़े बुरे बन जाते हैं जब हम झूठ में उसका साथ देना बन्द कर देते हैं।

हम एक गलत काम करने वाले आदमी की नजरों में तब तक बुरे हैं जब तक कि हम गलत कार्यों में उसका साथ नहीं दे देते। हम जिस दिन से उसका साथ देना शुरू कर देंगे उसी दिन से उसकी नजरों में हमारी परिभाषा एक अच्छे आदमी की हो जाएगी।

अत: आपकी अच्छाई भी कई लोगों को रास नहीं आयेगी और बुराई का तो कहना ही क्या ? इसलिए जब आप "क्या कहेंगे लोग" पर ध्यान ही नहीं देंगे तो फिर "क्यों कहेंगे लोग ? आपका काम है सही रास्ते पर चलना, बेहिचक, बेपरवाह।

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Shri Nangli Sahib Darbar